ईरान जंग को लेकर ट्रंप के बयान के बाद कच्चे तेल के दामों में भारी गिरावट
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा ईरान के साथ तनाव कम करने के संकेत दिए जाने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दामों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई है। ट्रंप के इस बयान ने निवेशकों की चिंताओं को कम किया है और वैश्विक ऊर्जा बाजार में राहत की लहर दौड़ गई है।
📉 तेल के दामों में कितनी गिरावट?
ट्रंप के बयान के तुरंत बाद कच्चे तेल के दामों में 10 से 14 प्रतिशत तक की गिरावट आई। प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
| तेल का प्रकार | गिरावट | नया भाव (लगभग) |
|---|---|---|
| ब्रेंट क्रूड (अंतरराष्ट्रीय मानक) | 10.9% | $99.94 प्रति बैरल |
| डब्ल्यूटीआई (अमेरिकी मानक) | 10.3% | $88.13 प्रति बैरल |
कारोबार के दौरान एक समय पर तो ब्रेंट क्रूड 15% तक लुढ़ककर $96 प्रति बैरल के स्तर पर आ गया था । हालांकि, ईरान की ओर से बातचीत से इनकार किए जाने के बाद नुकसान का कुछ हिस्सा वापस आया ।
🗣️ ट्रंप ने क्या कहा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 23 मार्च, 2026 को अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट में बड़ा बयान दिया। उन्होंने लिखा:
"मुझे यह बताते हुए खुशी हो रही है कि पिछले दो दिनों में संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच मध्य पूर्व में हमारी दुश्मनी को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए बहुत अच्छी और उत्पादक बातचीत हुई है।"
ट्रंप ने यह भी कहा कि उन्होंने रक्षा विभाग को ईरानी बिजली संयंत्रों और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर सभी सैन्य हमलों को पांच दिनों के लिए स्थगित करने का निर्देश दिया है । यह निर्णय चल रही वार्ता की सफलता पर निर्भर करेगा।
इससे पहले 21 मार्च को ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे की चेतावनी दी थी कि अगर उसने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह से नहीं खोला, तो अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों को "नष्ट" कर देगा ।
🇮🇷 ईरान की प्रतिक्रिया
ट्रंप के बयान के तुरंत बाद ईरान ने किसी भी प्रकार की बातचीत से साफ इनकार कर दिया।
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि पिछले 24 घंटों में अमेरिका के साथ कोई वार्ता या संवाद नहीं हुआ है ।
ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बागर गालीबाफ ने इसे "फर्जी खबर" करार देते हुए कहा कि इसके जरिए तेल बाजार में हेरफेर किया जा रहा है ।
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने चेतावनी दी कि अगर उसके तटों या द्वीपों पर हमला किया गया तो पूरे फारस की खाड़ी में बारूदी सुरंगें बिछा दी जाएंगी ।
📊 बाजार पर असर
तेल की कीमतों में गिरावट के साथ ही अमेरिकी शेयर बाजारों में तेजी देखी गई:
यूरोपीय शेयर बाजारों में भी उछाल दर्ज किया गया, जर्मनी का DAX और फ्रांस का CAC 40 दोनों 2% से अधिक चढ़ गए ।
⚠️ आगे क्या?
हालांकि ट्रंप के बयान से बाजार को राहत मिली है, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है:
ईरान द्वारा बातचीत से इनकार किए जाने के कारण अनिश्चितता बरकरार है ।
CFRA रिसर्च के सैम स्टोवाल ने कहा, "हम कल भी गिर सकते हैं अगर राष्ट्रपति कुछ ऐसा कहते हैं जो आज की बातों से उलट हो" ।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) के प्रमुख डॉ. फातिह बिरोल ने चेतावनी दी है कि दुनिया 1970 के दशक के तेल संकट से भी बड़े ऊर्जा संकट का सामना कर रही है ।
विश्लेषकों का कहना है कि अगले कुछ दिनों में बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। निवेशक ईरान-अमेरिका संघर्ष और हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति से जुड़ी हर खबर पर बारीकी से नजर रखे हुए हैं
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